आख़िरी पन्ना: सेडन पार्क में भारत और न्यूज़ीलैंड का T20I चैप्टर ख़त्म
हर दौरे में अगला चैप्टर शुरू होने से पहले एक आख़िरी पन्ना होता है. हैमिल्टन के सेडन पार्क में पाँचवाँ T20I वही पन्ना है, क्योंकि 4 नवंबर से ऑकलैंड में वनडे सीरीज़ शुरू होनी है. इस पूरे T20I हिस्से में भारत का दबदबा रहा. सीरीज़ का फ़ैसला तो कब का हो चुका, अब सवाल ये है कि 50 ओवर के क्रिकेट में दोनों टीमें यहाँ से क्या लेकर जाती हैं.
भारत: लय, प्रयोग और वनडे की तैयारी
न्यूज़ीलैंड में भारत का ये दौरा इरादों का ऐलान रहा है. सीरीज़ तीन मैच में ही जीत ली गई. इसकी नींव दो चीज़ों पर टिकी थी: अभिषेक शर्मा की ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी, और ऐसी गेंदबाज़ी जिसके पास पारी के हर हिस्से का जवाब था. पूरे दौरे पर भारत का तरीका साफ़ रहा: शुरू से अटैक करो, बीच के ओवरों में दबाव बनाओ, और चेज़ ख़त्म करने के लिए टीम की गहराई पर भरोसा रखो.
वनडे सीरीज़ सिर्फ़ तीन दिन बाद ऑकलैंड में शुरू हो रही है, इसलिए मैनेजमेंट के सामने एक दिलचस्प संतुलन है. श्रेयस अय्यर, कुलदीप यादव और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी शायद दोनों फ़ॉर्मेट में खेलें, और वर्कलोड को देखते हुए कुछ रोटेशन हो सकता है. हैमिल्टन वो मैच हो सकता है जहाँ वैभव सूर्यवंशी या प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को ज़्यादा मौका मिले, ख़ासकर बीच के ओवरों में, जहाँ प्रयोग का जोखिम कम होता है.
फिर भी, अय्यर की कप्तानी में भारत ने किसी मैच को हल्के में नहीं लिया. इंटेंसिटी लगातार बनी रही, फ़ील्ड सेटिंग धारदार रही और गेंदबाज़ी में बदलाव समय से पहले हुए. अगर मैनेजमेंट पूरी ताक़त वाली टीम उतारता है, तो ये इस दौरे की सोच के हिसाब से ही होगा: हर मैच अगली चुनौती की रिहर्सल है.
न्यूज़ीलैंड: वनडे से पहले संभलने का आख़िरी मौका
मिचेल सैंटनर और उनकी टीम के लिए ये T20I सीरीज़ सबक देने वाली रही. मुकाबले करीबी नहीं रहे. भारत ने हर डिपार्टमेंट में न्यूज़ीलैंड को पीछे छोड़ा, और मेज़बान टीम ने जब-जब टक्कर दी, वो इतनी देर नहीं टिकी कि किसी मैच का नतीजा बदल सके.
ग्लेन फ़िलिप्स इसका अपवाद रहे. पूरी सीरीज़ में उनकी बल्लेबाज़ी वर्ल्ड-क्लास रही: आक्रामक भी, तकनीकी तौर पर मज़बूत भी, और कई बार न्यूज़ीलैंड के ठीक-ठाक स्कोर की अकेली वजह. बेवन जैकब्स ने झलक दिखाई कि लीगों में उनकी इतनी माँग क्यों है, पर इंटरनेशनल दबाव में लगातार अच्छा खेलना अलग बात है. फ़िन एलन की पावर पर कोई शक नहीं, पर उसे भरोसेमंद मैच जिताने वाली पारियों में बदलना अभी बाकी है.
सेडन पार्क न्यूज़ीलैंड को पिछले मैदानों से थोड़ा अलग कुछ देता है. यहाँ का सही उछाल और तेज़ आउटफ़ील्ड उनके खेल को सूट कर सकता है, ख़ासकर छोटी साइड बाउंड्री, जो ऑफ़ साइड के ऊपर से खेले गए शॉट्स का इनाम देती हैं. अगर न्यूज़ीलैंड को वनडे सीरीज़ से पहले कोई संदेश देना है, तो उसके लिए हैमिल्टन सही जगह है.
| T20I सीरीज़ | नतीजा |
|---|---|
| पहला T20I, हैगली ओवल, क्राइस्टचर्च | भारत 4 विकेट से जीता |
| दूसरा T20I, हैगली ओवल, क्राइस्टचर्च | भारत 4 विकेट से जीता |
| तीसरा T20I, Hnry Stadium, वेलिंगटन | भारत 6 विकेट से जीता (40 गेंद बाकी) |
| चौथा T20I, ईडन पार्क, ऑकलैंड | 30 अक्टूबर |
| पाँचवाँ T20I, सेडन पार्क, हैमिल्टन | 1 नवंबर |
तीन मैच के बाद ही भारत ने सीरीज़ 3-0 से अपने नाम कर ली
पिच रिपोर्ट: सेडन पार्क, हैमिल्टन का छुपा हीरा
सेडन पार्क न्यूज़ीलैंड के सबसे ख़ूबसूरत मैदानों में से है, और यहाँ की पिच सीरीज़ के आख़िरी मैच के लिए बढ़िया है. आमतौर पर बल्लेबाज़ों को यहाँ पूरी कीमत मिलती है: सही उछाल, बराबर कैरी, और ऐसी पिच जो धीरे-धीरे ख़राब होती है. यानी बाद में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को बहुत अलग हालात नहीं मिलते. आउटफ़ील्ड तेज़ है, और बाउंड्री भले ईडन पार्क जितनी छोटी न हों, साफ़ मारने वालों की पहुँच में हैं.
गेंदबाज़ों के लिए असली चीज़ लेंथ है. सेडन पार्क में गेंद बहुत ज़्यादा स्विंग या सीम नहीं होती, लेकिन जो गेंदबाज़ लगातार हार्ड लेंथ पर, ऑफ़ स्टंप के आसपास गुड लेंथ से थोड़ा पीछे डालते हैं, वो अच्छे बल्लेबाज़ों पर भी दबाव बना सकते हैं. इस मैदान पर कई यादगार T20I चेज़ हुए हैं, और बल्ले और गेंद की बराबर टक्कर इसे सीरीज़ का सबसे कांटे का मैच बना सकती है.
मैच की तस्वीर
सीरीज़ भले तय हो चुकी हो, पर हैमिल्टन का पाँचवाँ T20I अपनी अहमियत रखता है. भारत के लिए फ़ॉर्मेट बदलने से पहले कॉम्बिनेशन को आख़िरी बार परखने का मौका है, और अय्यर की अब तक की कप्तानी देखें तो ढील की उम्मीद नहीं है. न्यूज़ीलैंड के लिए एक मुश्किल सीरीज़ के बाद आत्मविश्वास लौटाने और वनडे के लिए नींव रखने का मौका है.
सेडन पार्क की पिच आमतौर पर टक्कर का क्रिकेट देती है, और बराबर उछाल इसे दौरे का सबसे करीबी मैच बना सकता है. भारत प्रयोग करे या पूरी ताक़त से उतरे, उसकी गहराई और फ़ॉर्म उसे फ़ेवरेट बनाती है. लेकिन अच्छी बैटिंग पिच पर, घर में और साख दाँव पर हो, तो न्यूज़ीलैंड को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता.
न्यूज़ीलैंड बनाम भारत, पाँचवाँ T20I, सेडन पार्क, हैमिल्टन: शनिवार, 1 नवंबर, भारतीय समय दोपहर 12:30 बजे (वहाँ रात 8 बजे).