न्यूज़ीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया: एक छूटे कैच की सज़ा साइफ़र्ट के 93 रन, सीरीज़ 3-2 पर ख़त्म
चौथे ओवर में 13 पर कैच छूटा, और टिम साइफ़र्ट ने 50 गेंद पर 93 रन बना दिए. एडम मिल्न के 19 रन पर 4 विकेट ने भारत को 191 पर रोक दिया था, और ग्लेन फ़िलिप्स सीरीज़ में रिकॉर्ड 341 रन के साथ नाबाद लौटे.
मैच का सार
| भारत | 191/8 (20 ओवर): ईशान किशन 61 (32), श्रेयस अय्यर 50 (23), नमन धीर 33 (23) |
| न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी | एडम मिल्न 4-0-19-4, नेथन स्मिथ 3-0-28-2, ब्लेयर टिकनर 4-0-38-2 |
| न्यूज़ीलैंड | 195/3 (18 ओवर): टिम साइफ़र्ट 93 (50), ग्लेन फ़िलिप्स 65* (38), डैरिल मिचेल 29 (16) |
| भारत की गेंदबाज़ी | अर्शदीप सिंह 4-0-40-1, वरुण चक्रवर्ती 4-0-45-1, नीतीश कुमार रेड्डी 2-0-19-1 |
| नतीजा | न्यूज़ीलैंड 7 विकेट से जीता (12 गेंद बाकी). भारत ने सीरीज़ 3-2 से जीती |
| टॉस | न्यूज़ीलैंड, पहले गेंदबाज़ी चुनी |
| प्लेयर ऑफ़ द मैच | एडम मिल्न |
| प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ | ग्लेन फ़िलिप्स, 341 रन |
| मैदान | सेडन पार्क, हैमिल्टन |
क्रिकेट मैच कभी-कभी ऐसी गेंद पर पलट जाता है जो रात ख़त्म होते-होते किसी को याद भी नहीं रहती. चौथे ओवर में साइफ़र्ट 15 गेंद पर 13 रन पर थे, बिल्कुल लय में नहीं, जब उन्होंने डीप पॉइंट पर नमन धीर के हाथ में शॉट खेला. कैच छूट गया. पावरप्ले की बाकी 15 गेंदों पर 41 रन आए, जिनमें पाँच छक्के थे, और उसके बाद न्यूज़ीलैंड कभी उतना घबराया हुआ नहीं दिखा.
न्यूज़ीलैंड ने भी कैच छोड़े थे और एक विकेट नो-बॉल पर लिया था, तो ये कोई परफ़ेक्ट खेल नहीं था. फ़र्क बस इतना था कि इस बार उन्होंने भारत को उस एक गलती की पूरी सज़ा दी जो सबसे ज़्यादा मायने रखती थी.
भारत की पारी के बीच में एक तूफ़ान आया. 19 पर 2 से किशन और अय्यर ने सात ओवर में 93 रन जोड़े, और उसी दौरान माइकल ब्रेसवेल के एक ओवर में 27 रन बने. अय्यर ने 22 गेंद में फ़िफ़्टी पूरी की. 10.1 ओवर के बाद स्कोर 112 पर 2 था, और 191 से काफ़ी ज़्यादा का स्कोर सामने दिख रहा था.
फिर पेसरों ने गेंद पिच में ज़ोर से पटकनी शुरू की. टिकनर की गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगी और किशन डीप में कैच हुए, स्मिथ ने अय्यर का टॉप-एज लिया, और 112 पर 2 जल्दी ही 133 पर 5 हो गया. मिल्न को सिर्फ़ पावरप्ले और डेथ ओवर में लाया गया. उन्होंने शुरू में दोनों ओपनर आउट किए और आख़िर में लौटकर दो विकेट और लिए. जिस रात 386 रन बने, उस रात चार ओवर में 19 रन पर 4 विकेट ही वो आँकड़ा था जिसने अवॉर्ड दिलाया.
82 पर 2 के स्कोर पर न्यूज़ीलैंड को अभी 110 रन चाहिए थे, और सीरीज़ का अपना पहला मैच खेल रहे वरुण चक्रवर्ती फ़िलिप्स को परेशान कर रहे थे. तभी अय्यर ने लगातार दो ओवर रेड्डी और अभिषेक शर्मा को दिए, और उनमें 25 रन गए. जिस पिच पर स्पिन से ज़्यादा सीम को मदद थी, वहाँ ये जुआ लगा, और ये जुआ नहीं चला.
साइफ़र्ट अपने पहले T20I शतक से सात रन पहले रेड्डी की गेंद पर इनसाइड एज से बोल्ड हुए. फ़िलिप्स आख़िर तक 38 गेंद पर 65 रन बनाकर नाबाद रहे, और उनके 341 रन किसी भी बाइलेटरल T20I सीरीज़ में किसी भी बल्लेबाज़ के सबसे ज़्यादा रन हैं. हारने वाली टीम से इस लिस्ट में सबसे ऊपर होना अजीब है, लेकिन पूरी सीरीज़ में उन्होंने ऐसे ही बल्लेबाज़ी की है.
हमने भारत को फ़ेवरेट माना था और कहा था कि सेडन पार्क पर इस दौरे का सबसे करीबी मैच हो सकता है. पहली बात के लिए भारत के पास गहराई थी, फिर भी टीम दो ओवर बाकी रहते सात विकेट से हारी, तो वो अनुमान हमारा गलत निकला. फ़िलिप्स को न्यूज़ीलैंड का अपवाद बताना सही रहा.
भारत ने T20I सीरीज़ 3-2 से जीती, हालाँकि आख़िरी दो मैच न्यूज़ीलैंड ने जीते. वनडे सीरीज़ 4 नवंबर से ऑकलैंड में शुरू होगी, और भारत पाँचवें गेंदबाज़ वाले उस प्लान पर फिर से सोचना चाहेगा जो यहाँ महंगा पड़ा.
भारत के अगले मैच का डेटा-आधारित प्रीव्यू पढ़ना है?